पाय पखारि सकल अन्हवाए
पाय पखारि सकल अन्हवाए
चौपाई २, दोहा ३५२ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
पाय पखारि सकल अन्हवाए। पूजि भली बिधि भूप जेवाँए॥ आदर दान प्रेम परिपोषे। देत असीस चले मन तोषे॥ २ ॥
अर्थ
चरण धोकर उन्होंने सबको स्नान कराया और राजा ने भलीभाँति पूजन करके उन्हें भोजन कराया। आदर, दान और प्रेम से पुष्ट हुए वे सन्तुष्ट मन से आशीर्वाद देते हुए चले।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “बारात का अयोध्या लौटना” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ३५२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विवाह के बाद बारात का नववधुओं सहित अयोध्या लौटना और नगर में आनंदोत्सव का वर्णन है।
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बारात का अयोध्या लौटना