पठवहु कामु जाइ सिव पाहीं
पठवहु कामु जाइ सिव पाहीं
चौपाई ३, दोहा ८३ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
पठवहु कामु जाइ सिव पाहीं। करै छोभु संकर मन माहीं॥ तब हम जाइ सिवहि सिर नाई। करवाउब बिबाहु बरिआई॥ ३ ॥
अर्थ
तुम जाकर कामदेव को शिवजी के पास भेजो, वह शिवजी के मन में क्षोभ उत्पन्न करे (उनकी समाधि भंग करे)। तब हम जाकर शिवजी के चरणों में सिर रख देंगे और जबरदस्ती (उन्हें राजी करके) विवाह करा देंगे।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वती” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ८३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सप्तर्षियों द्वारा पार्वतीजी की निष्ठा-परीक्षा और उनकी अडिग भक्ति एवं महिमा का वर्णन है।
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सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वती