नृप हितकारक सचिव सयाना

चौपाई १, दोहा १५४ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

नृप हितकारक सचिव सयाना। नाम धरमरुचि सुक्र समाना॥ सचिव सयान बंधु बलबीरा। आपु प्रतापपुंज रनधीरा॥ १ ॥

अर्थ

राजा का हित करनेवाला और शुक्राचार्य के समान बुद्धिमान् धर्मरुचि नामक उसका मंत्री था। इस प्रकार बुद्धिमान् मंत्री और बलवान् तथा वीर भाई के साथ ही स्वयं राजा भी बड़ा प्रतापी और रणधीर था।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १५४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।

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प्रतापभानु की कथा