सेन संग चतुरंग अपारा

चौपाई २, दोहा १५४ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

सेन संग चतुरंग अपारा। अमित सुभट सब समर जुझारा॥ सेन बिलोकि राउ हरषाना। अरु बाजे गहगहे निसाना॥ २ ॥

अर्थ

साथ में अपार चतुरंग सेना थी, जिसमें अमित सुभट सब समर जुझारा थे। अपनी सेना को देखकर राजा बहुत प्रसन्न हुआ और घमाघम निसान बजने लगे।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई २, दोहा १५४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।

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प्रतापभानु की कथा