जब प्रतापरबि भयउ नृप फिरी दोहाई
जब प्रतापरबि भयउ नृप फिरी दोहाई
दोहा १५३ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
जब प्रतापरबि भयउ नृप फिरी दोहाई देस। प्रजा पाल अति बेदबिधि कतहुँ नहीं अघ लेस॥ १५३ ॥
अर्थ
जब प्रतापभानु राजा हुआ, देश में उसकी दुहाई फिर गयी। वह वेद में बतायी हुई विधि के अनुसार उत्तम रीति से प्रजा का पालन करने लगा। उसके राज्य में पाप का कहीं लेश भी नहीं रह गया।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का दोहा १५३ है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।
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प्रतापभानु की कथा