नौमी भौम बार मधुमासा
नौमी भौम बार मधुमासा
चौपाई ३, दोहा ३४ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
नौमी भौम बार मधुमासा। अवधपुरीं यह चरित प्रकासा॥ जेहि दिन राम जनम श्रुति गावहिं। तीरथ सकल तहाँ चलि आवहिं॥ ३ ॥
अर्थ
चैत्र मास की नवमी तिथि मंगलवार को श्रीअयोध्यापुरी में यह चरित्र प्रकाशित हुआ। जिस दिन श्रीरामजी का जन्म होता है, वेद कहते हैं कि उस दिन सारे तीर्थ वहाँ चले आते हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “मानस का रूप और माहात्म्य” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ३४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मानस सरोवर के रूपक में उसके अंगों, रसों और आध्यात्मिक माहात्म्य का वर्णन है।
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मानस का रूप और माहात्म्य