नाम कामतरु काल कराला

चौपाई ३, दोहा २७ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

नाम कामतरु काल कराला। सुमिरत समन सकल जग जाला॥ राम नाम कलि अभिमत दाता। हित परलोक लोक पितु माता॥ ३ ॥

अर्थ

ऐसे कराल (कलियुग के) काल में तो नाम ही कल्पवृक्ष है, जो स्मरण करते ही संसार के सब जंजालों को नाश कर देने वाला है। कलियुग में यह रामनाम मनोवांछित फल देने वाला है, परलोक का परम हितैषी और इस लोक का माता-पिता है (अर्थात् परलोक में भगवान् का परमधाम देता है और इस लोक में माता-पिता के समान सब प्रकार से पालन और रक्षण करता है)।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “रामनाम की महिमा” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रामनाम की सर्वोच्च महिमा और कलियुग में नाम-स्मरण के कल्याणकारी प्रभाव का वर्णन है।

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रामनाम की महिमा