नाम प्रतापभानु अवनीसा

चौपाई ३, दोहा १५९ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

नाम प्रतापभानु अवनीसा। तासु सचिव मैं सुनहु मुनीसा॥ फिरत अहेरें परेउँ भुलाई। बड़ें भाग देखेउँ पद आई॥ ३ ॥

अर्थ

[राजाने कहा--] हे मुनीश्वर! सुनिये, प्रतापभानु नाम का एक राजा है, मैं उसका मन्त्री हूँ। शिकार के लिये फिरते हुए राह भूल गया हूँ। बड़े भाग्य से यहाँ आकर मैंने आपके चरणों के दर्शन पाये हैं।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १५९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।

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प्रतापभानु की कथा