मुनि पद कमल बंदि दोउ भ्राता
मुनि पद कमल बंदि दोउ भ्राता
चौपाई १, दोहा २१९ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
मुनि पद कमल बंदि दोउ भ्राता। चले लोक लोचन सुख दाता॥ बालक बृंद देखि अति सोभा। लगे संग लोचन मनु लोभा॥ १ ॥
अर्थ
सब लोकों के नेत्रों को सुख देने वाले दोनों भाई मुनि के चरणकमलों की वन्दना करके चले। बालकों के झुंड ने इनकी अत्यन्त शोभा देखकर साथ लग गये। उनके नेत्र और मन इनकी माधुरी पर लुभा गये।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २१९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण द्वारा जनकपुर भ्रमण और नगरवासियों के मुग्ध होने का वर्णन है।
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श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण