मुनि कौतुकी नगर तेहिं गयऊ

चौपाई ४, दोहा १३० के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

मुनि कौतुकी नगर तेहिं गयऊ। पुरबासिन्ह सब पूछत भयऊ॥ सुनि सब चरित भूपगृहँ आए। करि पूजा नृप मुनि बैठाए॥ ४ ॥

अर्थ

खिलवाड़ी मुनि नारदजी उस नगर में गये और नगरवासियों से उन्होंने सब हाल पूछा। सब समाचार सुनकर वे राजा के महल में आये। राजा ने पूजा करके मुनि को [आसन पर] बैठाया।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “नारद का शाप और मोहभंग” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १३० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में नारद का स्वयंवर में मोह, शाप और अंततः माया-भंग का वर्णन है।

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नारद का शाप और मोहभंग