मुनि गति देखि सुरेस डेराना
मुनि गति देखि सुरेस डेराना
चौपाई ३, दोहा १२५ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
मुनि गति देखि सुरेस डेराना। कामहि बोलि कीन्ह सनमाना॥ सहित सहाय जाहु मम हेतू। चलेउ हरषि हियँ जलचरकेतू॥ ३ ॥
अर्थ
मुनि की गति देखकर देवराज इन्द्र डर गया। उसने कामदेव को बुलाकर उसका आदर-सत्कार किया [और कहा कि] मेरे हित के लिए तुम अपने सहायकों सहित [नारद की समाधि भंग करने को] जाओ। [यह सुनकर] मीनध्वज कामदेव मन में प्रसन्न होकर चला।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीरामावतार के हेतु” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १२५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीरामावतार के कारणों और रावण-कुम्भकर्ण के जन्म के हेतु का वर्णन है।
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श्रीरामावतार के हेतु