मनु हठ परा न सुनइ सिखावा
मनु हठ परा न सुनइ सिखावा
चौपाई ३, दोहा ७८ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
मनु हठ परा न सुनइ सिखावा। चहत बारि पर भीति उठावा॥ नारद कहा सत्य सोइ जाना। बिनु पंखन्ह हम चहहिं उड़ाना॥ ३ ॥
अर्थ
मन ने हठ पकड़ लिया है, वह उपदेश नहीं सुनता और जल पर दीवार उठाना चाहता है। नारद ने जो कह दिया, उसे सत्य जानकर मैं बिना पंखों के उड़ना चाहती हूँ।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वती” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ७८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सप्तर्षियों द्वारा पार्वतीजी की निष्ठा-परीक्षा और उनकी अडिग भक्ति एवं महिमा का वर्णन है।
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सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वती