देखहु मुनि अबिबेकु हमारा
देखहु मुनि अबिबेकु हमारा
चौपाई ४, दोहा ७८ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
देखहु मुनि अबिबेकु हमारा। चाहिअ सदा सिवहि भरतारा॥ ४ ॥
अर्थ
हे मुनियो! आप मेरा अज्ञान तो देखिए कि मैं सदा शिवजी को ही पति बनाना चाहती हूँ।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वती” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ७८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सप्तर्षियों द्वारा पार्वतीजी की निष्ठा-परीक्षा और उनकी अडिग भक्ति एवं महिमा का वर्णन है।
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सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वती