मंत्र परम लघु जासु बस बिधि

दोहा २५६ · बालकाण्ड

दोहा पाठ

मंत्र परम लघु जासु बस बिधि हरि हर सुर सर्ब। महामत्त गजराज कहुँ बस कर अंकुस खर्ब॥ २५६ ॥

अर्थ

जिसके वश में ब्रह्मा, विष्णु, शिव और सभी देवता हैं, वह मन्त्र अत्यन्त छोटा होता है। महान् मतवाले गजराज को छोटा-सा अंकुश वश में कर लेता है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीलक्ष्मणजी का क्रोध” प्रकरण का दोहा २५६ है। इस प्रकरण में लक्ष्मणजी के धर्मयुक्त रोष और रघुवंश के पराक्रम के प्रकटीकरण का वर्णन है।

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श्रीलक्ष्मणजी का क्रोध