मंत्र महामनि बिषय ब्याल के

चौपाई ५, दोहा ३२ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

मंत्र महामनि बिषय ब्याल के। मेटत कठिन कुअंक भाल के॥ हरन मोह तम दिनकर कर से। सेवक सालि पाल जलधर से॥ ५ ॥

अर्थ

विषयरूपी साँप का जहर उतारने के लिए मन्त्र और महामणि हैं। ये ललाट पर लिखे हुए कठिनता से मिटने वाले बुरे लेखों (मन्द प्रारब्ध) को मिटा देनेवाले हैं। अज्ञानरूपी अन्धकार के हरण करने के लिए सूर्यकिरणों के समान और सेवकरूपी धान के पालन करने में मेघ के समान हैं।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीरामगुण और श्रीरामचरित की महिमा” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा ३२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम के गुण, चरित्र और रामकथा की पवित्रता एवं मुक्तिदायक महिमा का वर्णन है।

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श्रीरामगुण और श्रीरामचरित की महिमा