मंगलमय मंदिर सब केरें
मंगलमय मंदिर सब केरें
चौपाई ३, दोहा २१३ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
मंगलमय मंदिर सब केरें। चित्रित जनु रतिनाथ चितेरें॥ पुर नर नारि सुभग सुचि संता। धरमसील ग्यानी गुनवंता॥ ३ ॥
अर्थ
सबके घर मंगलमय हैं और उन पर चित्र बने हुए हैं, जिन्हें मानो कामदेवरूपी चित्रकार ने अंकित किया है। नगर के [सभी] स्त्री-पुरुष सुन्दर, पवित्र, साधु-स्वभाव वाले, धर्मात्मा, ज्ञानी और गुणवान् हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “विश्वामित्र का जनकपुर में प्रवेश” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २१३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विश्वामित्र, श्रीराम और लक्ष्मण के जनकपुर आगमन और मिथिला की अनुपम शोभा का वर्णन है।
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विश्वामित्र का जनकपुर में प्रवेश