महामंत्र जोइ जपत महेसू
महामंत्र जोइ जपत महेसू
चौपाई २, दोहा १९ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
महामंत्र जोइ जपत महेसू। कासीं मुकुति हेतु उपदेसू॥ महिमा जासु जान गनराऊ। प्रथम पूजिअत नाम प्रभाऊ॥ २ ॥
अर्थ
जो महामन्त्र है, जिसे महेश्वर श्रीशिवजी जपते हैं और उनके द्वारा जिसका उपदेश काशी में मुक्ति का कारण है, तथा जिसकी महिमाको गणेशजी जानते हैं, जो इस राम नाम के प्रभाव से ही सबसे पहले पूजे जाते हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “रामनाम की महिमा” प्रकरण का चौपाई २, दोहा १९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रामनाम की सर्वोच्च महिमा और कलियुग में नाम-स्मरण के कल्याणकारी प्रभाव का वर्णन है।
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रामनाम की महिमा