महादेव अवगुन भवन बिष्नु सकल गुन

दोहा ८० · बालकाण्ड

दोहा पाठ

महादेव अवगुन भवन बिष्नु सकल गुन धाम। जेहि कर मनु रम जाहि सन तेहि तेही सन काम॥ ८० ॥

अर्थ

माना कि महादेवजी अवगुणों के भवन हैं और विष्णु समस्त सद्गुणों के धाम हैं; पर जिसका मन जिसमें रम गया, उसको तो उसी से काम है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वती” प्रकरण का दोहा ८० है। इस प्रकरण में सप्तर्षियों द्वारा पार्वतीजी की निष्ठा-परीक्षा और उनकी अडिग भक्ति एवं महिमा का वर्णन है।

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सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वती