मदन अंध ब्याकुल सब लोका
मदन अंध ब्याकुल सब लोका
चौपाई ३, दोहा ८५ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
मदन अंध ब्याकुल सब लोका। निसि दिनु नहिं अवलोकहिं कोका॥ देव दनुज नर किंनर ब्याला। प्रेत पिसाच भूत बेताला॥ ३ ॥
अर्थ
सब लोग कामान्ध होकर व्याकुल हो गये। चकवा-चकवी रात-दिन नहीं देखते। देव, दैत्य, नर, किन्नर, सर्प, प्रेत, पिशाच, भूत, बेताल—
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “कामदेव का भस्म होना” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ८५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में कामदेव का शिव की तपस्या भंग करने हेतु प्रस्थान और शिव के क्रोध से उनका भस्म का वर्णन है।
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कामदेव का भस्म होना