केहरि कटि पट पीत धर सुषमा

दोहा २३३ · बालकाण्ड

दोहा पाठ

केहरि कटि पट पीत धर सुषमा सील निधान। देखि भानुकुलभूषनहि बिसरा सखिन्ह अपान॥ २३३ ॥

अर्थ

सिंह की-सी कमर वाले, पीताम्बर धारण किये हुए, शोभा और शील के भण्डार, सूर्यकुल के भूषण श्रीरामचन्द्रजी को देखकर सखियाँ अपने-आप को भूल गयीं।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “पुष्पवाटिका में सीताराम का मिलन” प्रकरण का दोहा २३३ है। इस प्रकरण में पुष्पवाटिका में श्रीसीताराम का परस्पर प्रथम दर्शन और मिलन का वर्णन है।

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पुष्पवाटिका में सीताराम का मिलन