करि बिनती निज कथा सुनाई
करि बिनती निज कथा सुनाई
चौपाई ३, दोहा २४४ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
करि बिनती निज कथा सुनाई। रंग अवनि सब मुनिहि देखाई॥ जहँ जहँ जाहिं कुअँर बर दोऊ। तहँ तहँ चकित चितव सबु कोऊ॥ ३ ॥
अर्थ
विनती करके अपनी कथा सुनायी और मुनि को सारी रंगभूमि (यज्ञशाला) दिखलायी। [मुनि के साथ] दोनों श्रेष्ठ राजकुमार जहाँ-जहाँ जाते हैं, वहाँ-वहाँ सब कोई आश्चर्यचकित हो देखने लगते हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “विश्वामित्र का यज्ञशाला में प्रवेश” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २४४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विश्वामित्र के साथ यज्ञशाला में श्रीराम-लक्ष्मण के प्रवेश और सभा के विविध भावमय दर्शन का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
विश्वामित्र का यज्ञशाला में प्रवेश