करहिं जोग जोगी जेहि लागी

चौपाई ३, दोहा ३४१ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

करहिं जोग जोगी जेहि लागी। कोहु मोहु ममता मदु त्यागी॥ ब्यापकु ब्रह्मु अलखु अबिनासी। चिदानंदु निरगुन गुनरासी॥ ३ ॥

अर्थ

योगी लोग जिनके लिये योग करते हैं, जो मोह, ममता, मदु त्यागी हैं, वे व्यापक ब्रह्म, अलख, अविनाशी, चिदानंदु, निर्गुण, गुणरासी हैं।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “बारात का अयोध्या लौटना” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ३४१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विवाह के बाद बारात का नववधुओं सहित अयोध्या लौटना और नगर में आनंदोत्सव का वर्णन है।

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बारात का अयोध्या लौटना