कामरूप सुंदर तन धारी
कामरूप सुंदर तन धारी
चौपाई ३, दोहा ९४ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
कामरूप सुंदर तन धारी। सहित समाज सहित बर नारी॥ गए सकल तुहिनाचल गेहा। गावहिं मंगल सहित सनेहा॥ ३ ॥
अर्थ
वे सब अपने इच्छानुसार रूप धारण करनेवाले सुन्दर शरीर धारण कर सुन्दरी स्त्रियों और समाजों के साथ हिमाचल के घर गये। सभी स्नेहसहित मंगलगीत गाते हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “शिवजी की विचित्र बारात” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ९४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शिवजी की विचित्र बारात और हिमवान के घर विवाह की मंगल तैयारी का वर्णन है।
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शिवजी की विचित्र बारात