कहउँ कथा सोइ सुखद सुहाई
कहउँ कथा सोइ सुखद सुहाई
चौपाई ७, दोहा ३५ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
कहउँ कथा सोइ सुखद सुहाई। सादर सुनहु सुजन मन लाई॥ ७ ॥
अर्थ
मैं उसी सुख देनेवाली सुहावनी रामकथा को कहता हूँ, हे सज्जनो! आदरपूर्वक मन लगाकर इसे सुनिये।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “मानस का रूप और माहात्म्य” प्रकरण का चौपाई ७, दोहा ३५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मानस सरोवर के रूपक में उसके अंगों, रसों और आध्यात्मिक माहात्म्य का वर्णन है।
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मानस का रूप और माहात्म्य