कहउँ राम गुन गाथ भरद्वाज सादर

सोरठा १२४ (ख) · बालकाण्ड

सोरठा पाठ

कहउँ राम गुन गाथ भरद्वाज सादर सुनहु। भव भंजन रघुनाथ भजु तुलसी तजि मान मद॥ १२४ (ख) ॥

अर्थ

मैं श्रीरामचन्द्रजी के गुणों की कथा कहता हूँ, हे भरद्वाज! तुम आदर से सुनो। तुलसीदासजी कहते हैं—मान और मद को छोड़कर आवागमन का नाश करने वाले रघुनाथजी को भजो।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीरामावतार के हेतु” प्रकरण का सोरठा १२४ (ख) है। इस प्रकरण में श्रीरामावतार के कारणों और रावण-कुम्भकर्ण के जन्म के हेतु का वर्णन है।

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श्रीरामावतार के हेतु