हिमगिरि गुहा एक अति पावनि
हिमगिरि गुहा एक अति पावनि
चौपाई १, दोहा १२५ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
हिमगिरि गुहा एक अति पावनि। बह समीप सुरसरी सुहावनि॥ आश्रम परम पुनीत सुहावा। देखि देवरिषि मन अति भावा॥ १ ॥
अर्थ
हिमालय पर्वत में एक बड़ी पवित्र गुफा थी। उसके समीप ही सुन्दर सुरसरी बहती थी। आश्रम परम पवित्र सुहावना था। देखकर देवरिषि के मन को बहुत भाया।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीरामावतार के हेतु” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १२५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीरामावतार के कारणों और रावण-कुम्भकर्ण के जन्म के हेतु का वर्णन है।
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श्रीरामावतार के हेतु