बोले बिहसि महेस तब ग्यानी मूढ़

दोहा १२४ (क) · बालकाण्ड

दोहा पाठ

बोले बिहसि महेस तब ग्यानी मूढ़ न कोइ। जेहि जस रघुपति करहिं जब सो तस तेहि छन होइ॥ १२४ (क) ॥

अर्थ

तब महादेवजी ने हँसकर कहा—न कोई ज्ञानी है न मूर्ख। श्रीरघुनाथजी जब जिसको जैसा करते हैं, वह उसी क्षण वैसा ही हो जाता है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीरामावतार के हेतु” प्रकरण का दोहा १२४ (क) है। इस प्रकरण में श्रीरामावतार के कारणों और रावण-कुम्भकर्ण के जन्म के हेतु का वर्णन है।

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श्रीरामावतार के हेतु