कह मुनि बिहसि गूढ़ मृदु बानी
कह मुनि बिहसि गूढ़ मृदु बानी
चौपाई १, दोहा ६७ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
कह मुनि बिहसि गूढ़ मृदु बानी। सुता तुम्हारि सकल गुन खानी॥ सुंदर सहज सुसील सयानी। नाम उमा अंबिका भवानी॥ १ ॥
अर्थ
नारद मुनि ने हँसकर रहस्ययुक्त कोमल वाणी से कहा— तुम्हारी कन्या सब गुणों की खान है। यह स्वभाव से ही सुन्दर, सुशील और समझदार है। उमा, अम्बिका और भवानी इसके नाम हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “पार्वती का जन्म और तपस्या” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ६७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सती के पार्वती रूप में जन्म और शिव-प्राप्ति हेतु कठोर तपस्या का वर्णन है।
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पार्वती का जन्म और तपस्या