जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल
जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल
दोहा १९० · बालकाण्ड
दोहा पाठ
जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल भए अनुकूल। चर अरु अचर हर्षजुत राम जनम सुखमूल॥ १९० ॥
अर्थ
योग, लग्न, ग्रह, वार और तिथि सभी अनुकूल हो गये। जड़ और चेतन सब हर्ष से भर गये। [क्योंकि] श्रीराम का जन्म सुख का मूल है।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ” प्रकरण का दोहा १९० है। इस प्रकरण में राजा दशरथ के पुत्रेष्टि यज्ञ और रानियों के गर्भवती होने का वर्णन है।
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दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ