जानि नृपहि आपन आधीना

चौपाई १, दोहा १६८ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

जानि नृपहि आपन आधीना। बोला तापस कपट प्रबीना॥ सत्य कहउँ भूपति सुनु तोही। जग नाहिन दुर्लभ कछु मोही॥ १ ॥

अर्थ

राजा को अपने अधीन जानकर कपट में प्रवीण तपस्वी बोला--हे राजन्‌! सुनो, मैं तुमसे सत्य कहता हूँ, जगत् में मुझे कुछ भी दुर्लभ नहीं है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १६८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।

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प्रतापभानु की कथा