जनमीं प्रथम दच्छ गृह जाई
जनमीं प्रथम दच्छ गृह जाई
चौपाई ३, दोहा ९८ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
जनमीं प्रथम दच्छ गृह जाई। नामु सती सुंदर तनु पाई॥ तहँहुँ सती संकरहि बिबाहीं। कथा प्रसिद्ध सकल जग माहीं॥ ३ ॥
अर्थ
पहले ये दक्ष के घर जाकर जन्मीं थीं, तब इनका नाम सती था, और बहुत सुन्दर शरीर पाया था। वहाँ भी सती शिवजी से ही ब्याही गयी थीं। यह कथा सारे जगत् में प्रसिद्ध है।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “शिवजी की विचित्र बारात” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ९८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शिवजी की विचित्र बारात और हिमवान के घर विवाह की मंगल तैयारी का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
शिवजी की विचित्र बारात