जनम एक दुइ कहउँ बखानी

चौपाई २, दोहा १२२ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

जनम एक दुइ कहउँ बखानी। सावधान सुनु सुमति भवानी॥ द्वारपाल हरि के प्रिय दोऊ। जय अरु बिजय जान सब कोऊ॥ २ ॥

अर्थ

हे सुन्दर बुद्धिवाली भवानी! मैं उनके दो-एक जन्मों का विस्तार से वर्णन करता हूँ, तुम सावधान होकर सुनो। श्रीहरि के जय और विजय दो प्यारे द्वारपाल हैं, जिनको सब कोई जानते हैं।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीरामावतार के हेतु” प्रकरण का चौपाई २, दोहा १२२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीरामावतार के कारणों और रावण-कुम्भकर्ण के जन्म के हेतु का वर्णन है।

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श्रीरामावतार के हेतु