सोइ जस गाइ भगत भव तरहीं
सोइ जस गाइ भगत भव तरहीं
चौपाई १, दोहा १२२ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
सोइ जस गाइ भगत भव तरहीं। कृपासिंधु जन हित तनु धरहीं॥ राम जनम के हेतु अनेका। परम बिचित्र एक तें एका॥ १ ॥
अर्थ
उसी यश को गा-गाकर भक्तजन भवसागर से तर जाते हैं। कृपासागर भगवान् भक्तों के हित के लिये शरीर धारण करते हैं। श्रीरामचन्द्रजी के जन्म लेने के अनेक कारण हैं, जो एक-से-एक बढ़कर विचित्र हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीरामावतार के हेतु” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १२२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीरामावतार के कारणों और रावण-कुम्भकर्ण के जन्म के हेतु का वर्णन है।
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श्रीरामावतार के हेतु