जब जदुबंस कृष्न अवतारा

चौपाई १, दोहा ८८ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

जब जदुबंस कृष्न अवतारा। होइहि हरन महा महिभारा॥ कृष्न तनय होइहि पति तोरा। बचनु अन्यथा होइ न मोरा॥ १ ॥

अर्थ

जब यदुवंश में कृष्ण अवतार लेंगे और पृथ्वी के बड़े भारी भार को हर लेंगे, तब तेरा पति उनके पुत्र के रूप में उत्पन्न होगा। मेरा वचन अन्यथा नहीं होगा।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “रति को वरदान” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ८८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रति के विलाप पर शिव द्वारा कामदेव के पुनर्जन्म का वरदान और दिव्य करुणा का वर्णन है।

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रति को वरदान