होम समय तनु धरि अनलु अति

दोहा ३२३ · बालकाण्ड

दोहा पाठ

होम समय तनु धरि अनलु अति सुख आहुति लेहिं। बिप्र बेष धरि बेद सब कहि बिबाह बिधि देहिं॥ ३२३ ॥

अर्थ

होम के समय अग्निदेव शरीर धारण करके बड़े सुख से आहुति लेते हैं। ब्राह्मण का वेष धरकर वेद सब कहकर विवाह की विधियाँ देते हैं।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “बारात का जनकपुर में स्वागत” प्रकरण का दोहा ३२३ है। इस प्रकरण में अयोध्या की बारात का जनकपुर में हर्षपूर्ण स्वागत और मंगल आयोजन का वर्णन है।

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बारात का जनकपुर में स्वागत