हर हियँ रामचरित सब आए

चौपाई ४, दोहा १११ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

हर हियँ रामचरित सब आए। प्रेम पुलक लोचन जल छाए॥ श्रीरघुनाथ रूप उर आवा। परमानंद अमित सुख पावा॥ ४ ॥

अर्थ

श्रीमहादेवजी के हृदय में सारे रामचरित्र आ गये। प्रेम के मारे उनका शरीर पुलकित हो गया और नेत्रों में जल भर आया। श्रीरघुनाथजी का रूप उनके हृदय में आ गया, जिससे स्वयं परमानन्दस्वरूप शिवजी ने भी अपार सुख पाया।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “शिव-पार्वती संवाद” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १११ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विवाह के बाद पार्वती द्वारा राम के स्वरूप और अवतार-रहस्य के विषय में शिवजी से प्रेमपूर्ण संवाद का वर्णन है।

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शिव-पार्वती संवाद