गए बिभीषन पास पुनि कहेउ पुत्र

दोहा १७७ · बालकाण्ड

दोहा पाठ

गए बिभीषन पास पुनि कहेउ पुत्र बर मागु। तेहिं मागेउ भगवंत पद कमल अमल अनुरागु॥ १७७ ॥

अर्थ

फिर ब्रह्माजी विभीषण के पास गये और बोले-हे पुत्र! वर माँगो। उसने भगवान् के चरणकमलों में निर्मल (निष्काम और अनन्य) प्रेम माँगा।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “रावण का जन्म, ऐश्वर्य और अत्याचार” प्रकरण का दोहा १७७ है। इस प्रकरण में रावण, कुंभकर्ण आदि के जन्म, तपस्या से प्राप्त ऐश्वर्य और तीनों लोकों पर अत्याचार का वर्णन है।

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रावण का जन्म, ऐश्वर्य और अत्याचार