तिन्हहि देइ बर ब्रह्म सिधाए
तिन्हहि देइ बर ब्रह्म सिधाए
चौपाई १, दोहा १७८ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
तिन्हहि देइ बर ब्रह्म सिधाए। हरषित ते अपने गृह आए॥ मय तनुजा मंदोदरि नामा। परम सुंदरी नारि ललामा॥ १ ॥
अर्थ
उनको वर देकर ब्रह्माजी चले गये और वे अपने घर लौट आये। मय दानव की मन्दोदरी नाम की कन्या परम सुन्दरी और स्त्रियों में शिरोमणि थी।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “रावण का जन्म, ऐश्वर्य और अत्याचार” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १७८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रावण, कुंभकर्ण आदि के जन्म, तपस्या से प्राप्त ऐश्वर्य और तीनों लोकों पर अत्याचार का वर्णन है।
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रावण का जन्म, ऐश्वर्य और अत्याचार