गए देव सब निज निज धामा

चौपाई १, दोहा १८८ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

गए देव सब निज निज धामा। भूमि सहित मन कहुँ बिश्रामा॥ जो कछु आयसु ब्रह्माँ दीन्हा। हरषे देव बिलंब न कीन्हा॥ १ ॥

अर्थ

सब देवता अपने-अपने लोक को गये। पृथ्वी सहित सब के मन को शान्ति मिली। ब्रह्माजी ने जो कुछ आज्ञा दी, उससे देवता बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने देर नहीं की।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “भगवान का वरदान” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १८८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में भगवान द्वारा रघुकुल में अवतार लेने के वरदान और देवताओं को मिली शांति का वर्णन है।

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भगवान का वरदान