एहि बिधि राम जगत पितु माता

चौपाई १, दोहा २०० के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

एहि बिधि राम जगत पितु माता। कोसलपुर बासिन्ह सुखदाता॥ जिन्ह रघुनाथ चरन रति मानी। तिन्ह की यह गति प्रगट भवानी॥ १ ॥

अर्थ

इस प्रकार [सम्पूर्ण] जगत् के माता-पिता श्रीरामजी कोसलपुर वासियों को सुख देते हैं। जिन्होंने श्रीरघुनाथजी के चरणों में प्रीति मानी है, हे भवानी! उनकी यह प्रत्यक्ष गति है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीराम का प्राकट्य और बाललीला” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २०० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अयोध्या में श्रीराम के मंगलमय प्राकट्य और आनंदमयी बाललीलाओं का वर्णन है।

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श्रीराम का प्राकट्य और बाललीला