धवल धाम मनि पुरट पट सुघटित
धवल धाम मनि पुरट पट सुघटित
दोहा २१३ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
धवल धाम मनि पुरट पट सुघटित नाना भाँति। सिय निवास सुंदर सदन सोभा किमि कहि जाति॥ २१३ ॥
अर्थ
उज्ज्वल महलों में अनेक प्रकार के सुन्दर रीतिसे बने हुए मणिजटित सोने की जरी के परदे लगे हैं। सीताजी के रहने के सुन्दर महल की शोभा का वर्णन किया ही कैसे जा सकता है।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “विश्वामित्र का जनकपुर में प्रवेश” प्रकरण का दोहा २१३ है। इस प्रकरण में विश्वामित्र, श्रीराम और लक्ष्मण के जनकपुर आगमन और मिथिला की अनुपम शोभा का वर्णन है।
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विश्वामित्र का जनकपुर में प्रवेश