छत्रबंधु तैं बिप्र बोलाई
छत्रबंधु तैं बिप्र बोलाई
चौपाई १, दोहा १७४ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
छत्रबंधु तैं बिप्र बोलाई। घालै लिए सहित समुदाई॥ ईस्वर राखा धरम हमारा। जैहसि तैं समेत परिवारा॥ १ ॥
अर्थ
रे नीच क्षत्रिय! तूने तो परिवार सहित ब्राह्मणों को बुलाकर उन्हें नष्ट करना चाहा था, ईश्वर ने हमारे धर्म की रक्षा की। अब तू परिवार सहित नष्ट होगा।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १७४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।
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प्रतापभानु की कथा