बोले बंदी बचन बर सुनहु सकल

दोहा २४९ · बालकाण्ड

दोहा पाठ

बोले बंदी बचन बर सुनहु सकल महिपाल। पन बिदेह कर कहहिं हम भुजा उठाइ बिसाल॥ २४९ ॥

अर्थ

भाटों ने श्रेष्ठ वचन कहा- हे पृथ्वी की पालना करनेवाले सब राजागण! सुनिये। हम अपनी भुजा उठाकर जनकजी का विशाल प्रण कहते हैं।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “बंदीजनों द्वारा जनकप्रतिज्ञा की घोषणा” प्रकरण का दोहा २४९ है। इस प्रकरण में बंदीजनों द्वारा सभा में जनक की शिवधनुष-प्रतिज्ञा का उद्घोष और राजाओं का उत्साह का वर्णन है।

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बंदीजनों द्वारा जनकप्रतिज्ञा की घोषणा