बोले बामदेउ सब साँची
बोले बामदेउ सब साँची
चौपाई ४, दोहा ३५९ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
बोले बामदेउ सब साँची। कीरति कलित लोक तिहुँ माची॥ सुनि आनंदु भयउ सब काहू। राम लखन उर अधिक उछाहू॥ ४ ॥
अर्थ
वामदेवजी बोले—ये सब बातें सत्य हैं। विश्वामित्रजी की सुंदर कीर्ति तीनों लोकों में छायी हुई है। यह सुनकर सब किसी को आनन्द हुआ। श्रीराम-लक्ष्मण के हृदय में अधिक उत्साह (आनन्द) हुआ।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “बारात का अयोध्या लौटना” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ३५९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विवाह के बाद बारात का नववधुओं सहित अयोध्या लौटना और नगर में आनंदोत्सव का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
बारात का अयोध्या लौटना