भूपति तृषित बिलोकि तेहिं सरबरु दीन्ह

दोहा १५८ · बालकाण्ड

दोहा पाठ

भूपति तृषित बिलोकि तेहिं सरबरु दीन्ह देखाइ। मज्जन पान समेत हय कीन्ह नृपति हरषाइ॥ १५८ ॥

अर्थ

राजा को प्यासा देखकर उसने सरोवर दिखला दिया। हर्षित होकर राजा ने घोड़े सहित उसमें स्नान और जलपान किया।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का दोहा १५८ है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
प्रतापभानु की कथा