भूप धरम जे बेद बखाने
भूप धरम जे बेद बखाने
चौपाई ३, दोहा १५५ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
भूप धरम जे बेद बखाने। सकल करइ सादर सुख माने॥ दिन प्रति देइ बिबिध बिधि दाना। सुनइ सास्त्र बर बेद पुराना॥ ३ ॥
अर्थ
वेदों में राजाओं के जो धर्म बताये गये हैं, राजा सदा आदरपूर्वक और सुख मानकर उन सब का पालन करता था। प्रतिदिन अनेक प्रकार के दान देता और उत्तम शास्त्र, वेद और पुराण सुनता था।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १५५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
प्रतापभानु की कथा