नाना बापीं कूप तड़ागा
नाना बापीं कूप तड़ागा
चौपाई ४, दोहा १५५ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
नाना बापीं कूप तड़ागा। सुमन बाटिका सुंदर बागा॥ बिप्रभवन सुरभवन सुहाए। सब तीरथन्ह बिचित्र बनाए॥ ४ ॥
अर्थ
उसने बहुत-सी बावलियाँ, कुएँ, तालाब, फुलवाड़ियाँ, सुन्दर बगीचे, ब्राह्मणों के लिए घर और देवताओं के सुन्दर विचित्र मन्दिर सब तीर्थों में बनवाये।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १५५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।
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प्रतापभानु की कथा