भूप बागु बर देखेउ जाई
भूप बागु बर देखेउ जाई
चौपाई २, दोहा २२७ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
भूप बागु बर देखेउ जाई। जहँ बसंत रितु रही लोभाई॥ लागे बिटप मनोहर नाना। बरन बरन बर बेलि बिताना॥ २ ॥
अर्थ
उन्होंने जाकर राजा का सुन्दर बाग देखा, जहाँ बसन्त ऋतु लुभाकर रह गयी है। मन को लुभाने वाले अनेक वृक्ष लगे हैं। रंग-बिरंगे उत्तम लताओं के वितान छाये हुए हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “पुष्पवाटिका में सीताराम का मिलन” प्रकरण का चौपाई २, दोहा २२७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में पुष्पवाटिका में श्रीसीताराम का परस्पर प्रथम दर्शन और मिलन का वर्णन है।
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पुष्पवाटिका में सीताराम का मिलन