भए कामबस जोगीस तापस पावँरन्हि की

छन्द, दोहा ८५ के अंतर्गत · बालकाण्ड

छन्द पाठ

भए कामबस जोगीस तापस पावँरन्हि की को कहै। देखहिं चराचर नारिमय जे ब्रह्ममय देखत रहे॥ अबला बिलोकहिं पुरुषमय जगु पुरुष सब अबलामयं। दुइ दंड भरि ब्रह्मांड भीतर कामकृत कौतुक अयं॥

अर्थ

जब योगीश्वर और तपस्वी भी काम के वश हो गये, तब पामर मनुष्यों की कौन कहे? जो समस्त चराचर जगत को ब्रह्ममय देखते थे, वे अब उसे स्त्रीमय देखने लगे। अबला सारे जग को पुरुषमय देखने लगीं और पुरुष उसे अबलामय देखने लगे। दो दंड भर ब्रह्माण्ड के भीतर कामकृत यह कौतुक रहा॥

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “कामदेव का भस्म होना” प्रकरण का छन्द, दोहा ८५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में कामदेव का शिव की तपस्या भंग करने हेतु प्रस्थान और शिव के क्रोध से उनका भस्म का वर्णन है।

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कामदेव का भस्म होना