बय किसोर सुषमा सदन स्याम गौर

दोहा २२० · बालकाण्ड

दोहा पाठ

बय किसोर सुषमा सदन स्याम गौर सुख धाम। अंग अंग पर वारिअहिं कोटि कोटि सत काम॥ २२० ॥

अर्थ

इनकी किशोर अवस्था है, ये सुन्दरता के घर, साँवले और गोरे रंग के तथा सुख के धाम हैं। इनके अंग-अंग पर करोड़ों-करोड़ों कामदेवों को निछावर कर देना चाहिये।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण” प्रकरण का दोहा २२० है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण द्वारा जनकपुर भ्रमण और नगरवासियों के मुग्ध होने का वर्णन है।

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श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण